Friday, October 17, 2025

ख्वाहिश

यूँ ही तो न जगी
इस दिल में ख़्वाहिशें,
देखा जो तुम्हें
ये दिल आ गया।

तेरी आँखों की चमक में
खो जाने को जी चाहता है,
तेरी हँसी की मिठास में
हर ग़म मिटा गया।

चाँद की नर्मी सी तेरी बातें,
सितारों की रोशनी जैसी तेरी आँखें,
बारिश की ठंडी बूँदों में
तेरा नाम गुनगुनाता है।

हवा के झोंकों में तेरी खुशबू,
सारा जहाँ मेरे पास आ गया,
तेरे प्यार की गर्मी में
हर जख्म भर गया।

तू जब पास हो मेरे,
हर पल जन्नत सा लगता है,
तेरे हाथों की गर्मी में
मेरी दुनिया पूरी लगती है।

चाँद, सितारे, बारिश और हवा
सब बस तेरी यादों में बसते हैं,
और मैं हर लम्हा, हर सांस
सिर्फ तेरा हो जाता हूं

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