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कह दो आज हवाओं से,
न करे दिल्लगी,
छेड़े न मुझे अभी,
अभी-अभी हुई है आशिकी।
तेरी यादों की खुशबू है पास,
हर सांस में बसा है तेरा एहसास।
बारिश की बूँदों में तेरा नाम लिखा,
चाँदनी भी अब तेरे नाम से महका।
हवा भी गुनगुनाए तेरी बातें,
मेरी धड़कन कहे ये सारी रातें।
तेरी हँसी से खिलते हैं ये फूल,
तेरी नज़रों में बसा मेरा जूल।
सन्नाटों में तेरी आवाज़ गूँजती,
हर ख़ुशी अब तेरे साथ जुड़ती।
तारों की चमक भी फीकी लगे,
जब तू मेरे ख्यालों में आए।
तेरे हाथों की गर्मी चाहिए मेरी बाहों को,
तेरे ख्वाबों की दुनिया सजती हमारी राहों को।
अब ये दिल बस तुझसे मिलने को तरसे,
तेरी मोहब्बत में ये दिल हमेशा डूबे।
कह दो आज हवाओं से,
न करे दिल्लगी,
छेड़े न मुझे अभी,
अभी-अभी हुई है आशिकी
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