Monday, July 28, 2025

जाति धर्म

सबके भीतर बैठा है एक धर्म जाति का हिमायती 
चाहे वो हिन्दू हो या फिर मुस्लिम 
सिख हो या ईसाई 
जिस दिन ये भाव मिट जायेगा 
हिंदुस्तान बदल जायेगा 

जाति की भावना से दबे हम 
ऊंची जाति के झूठे दंभ 
दूसरों को कमतर समझते 
इंसानों में भेदभाव करते 

ये देशप्रेम नहीं बल्कि देशद्रोह है 
अपने देशवासियों से भेदभाव करते 
अपने देश को कमजोर करते हैं 
टुकड़ों में बंटकर कमजोर हो रहे हैं 

अपने को जाति के कारण 
 ऊंचा समझना छोड़ दो
हर हिन्दुस्तानी से 
बस प्रेम का नाता जोड़ लो

हर पल तेरा

हर पल तेरा इंतजार है, मानो या न मानो, तुम्हें मुझसे प्यार है। दिन बदलते हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन जो न बदले, वो तेरा प्यार है। ऐ हसीन, गुल ...