लगे लगे लगे लगे ---- ऐसा क्यूँ
तू है तो है जिंदगी
गुजारिशें करता है दिल
रहे तू हर पल संग
ऐसा क्यूँ
कोई मोड़ है या है ठिकाना
पूछुं खुद से मैं
ख्वाहिशों को समझा लिया
लेकिन दिन न माने ऐसा क्यूँ ऐसा क्यूँ
जज्बात मचलते हैं
लगे दिल का न ठिकाना
ऐसा क्यूँ 2
खामोशियाँ ईश्क़ में जब बढ़ जाती है
रूह से रूह की बात हो जाती है
तन्हाईयाँ जब हमें रास आती हैं
प्यार से प्यार की जोत जल जाती है
ऐसा क्यूँ 2
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