ये दस्तके
ये शोरगुल
शराफत
और ये आबरू
तन्हा खड़े
बाज़ार मे
खुद से भी नही
रूबरू
दर्द बाकी है जो
मेरे सीने मे
न कर तू अब
उससे कोई गुफ्तगू
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हर पल तेरा
हर पल तेरा इंतजार है, मानो या न मानो, तुम्हें मुझसे प्यार है। दिन बदलते हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन जो न बदले, वो तेरा प्यार है। ऐ हसीन, गुल ...
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सोलंकी सुबह अपने बॉस गणेश केलकर के हुजूर में पहुँचा। बॉस का मूड उसे कुछ उखड़ा सा लगा। उसने अभिवादन किया बॉस केलकर ने एक फिसलती नजर उस पर डाली...
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--- 🌸 बनारस की रूह 🌸 गंगा किनारे पान के सहारे, ये जीवन कट जाना है, गुरु एक बात हमार जान ला, एक रोज माटी में मिल जाबा। गोदौलिया की भीड़ में...
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चाहत तेरी देख दीवानी क्या रंग लाई आधी रात बीत गई मुझे नींद नहीं आई
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