जो तूने कभी न की वो बात आई
एक मुद्दत से हमने छोड़ी थी दर्द में दवा ही काम आई
लोग कहते हैं मतवाली, मुझको तेरे सिवा दोस्ती कभी न निभाई
आज फिर दिल को तेरी याद आई
रात फिर दिल को क्यों उनकी याद आई
नींद तो उड़ गई, रह गई सपनों की तन्हाई
आंखों के सपनों से क्या है वास्ता, बंद आंखों से देखूं हर पल चेहरा तेरा
No comments:
Post a Comment