Friday, April 24, 2020

स्मृति

साल था 1986 बीआरपी इंटर कालेज में चुनाव हो रहा था राजेश श्रीवास्तव गुलगुल एक तेज तर्रार दबंग छात्र नेता थे चुनाव मैदान में थे उनके सामने दिवाकर शुक्ला,राजेश सिंह, सुभाष यादव भी मैदान में उतरे थे, राजेश भाई कालेज से सटे हुए मुहल्ले हुसैनाबाद के रहने वाले थे जहां के छात्रों की काफी संख्या कालेज में थी। कायस्थों का कालेज था तो स्वजातीय मतों का झुकाव भी राजेश भाई की तरफ था। चुनाव हुआ पर धांधली हुई और राजेश भाई चुनाव नहीं जीत सके लेकिन उसके बाद कोई भी कायस्थ बीआरपी कालेज में अध्यक्ष पद पर आसीन नही हुआ।

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